अलकनंदा - अविरल प्रवाह
Sunday, 4 May 2014
नरेन्द्र सिंह नेगी और उनका गीत-संसार # 8
दूर चलिगे माना अब तू आसमान ह्वे गई
पर सुरक इतगा बिङ्गैजा दूराँगी क्यान ह्वे गई |
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