अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई, ऐगे बगत आखिर
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर |
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
भेंटी जा यूँ गौळा-ग्वींड़ों जौंमा खेली की सयाणु ह्वे तू
ग्वाया लगैनी जैं डंडली जैं चौक, जौं बाठौं आणु-जाणु रैं तू
कखन देखण लठ्याळा त्वेन जलमभूमि या फिर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
लसण-प्याजै की बाड़ी सगोड़ी, सेरा डोखरी पुँगुड़ी
डूबि जाली पाणी मा भोळ, बाप-दादों की कूड़ी
आँख्यूँ मा रिंगणी राली सदानि बेटा तिबरी सतीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
पितरूँ कू बसायूँ गौं, सैंत्यूँ पाल्यूँ बण
धारा मँगरा गोठ्यार चौक, कनु क्वैकी छोड़ण
कंठ भौरी की औंद उमाळ औ बाँधै जा धीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
हे नागराजा ! हे भैरौं ! तुम्हारु हमन क्या जी ख्वायी
हे बोलान्दा बदरी त्वैन कख मुख लुकाई
हे बिधाता कन रूठिनि हमकू द्यबतौं का मँदीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
रज्जा को दरबार, घंटाघर, आमूँ का बग्वान
कन डुबलो यो टीरी बजार सिंगोऱयूँ की दुकान
समलौण्या रै जाली भोळ, साक्यूँ पुरणी जागीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर |
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
भेंटी जा यूँ गौळा-ग्वींड़ों जौंमा खेली की सयाणु ह्वे तू
ग्वाया लगैनी जैं डंडली जैं चौक, जौं बाठौं आणु-जाणु रैं तू
कखन देखण लठ्याळा त्वेन जलमभूमि या फिर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
लसण-प्याजै की बाड़ी सगोड़ी, सेरा डोखरी पुँगुड़ी
डूबि जाली पाणी मा भोळ, बाप-दादों की कूड़ी
आँख्यूँ मा रिंगणी राली सदानि बेटा तिबरी सतीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
पितरूँ कू बसायूँ गौं, सैंत्यूँ पाल्यूँ बण
धारा मँगरा गोठ्यार चौक, कनु क्वैकी छोड़ण
कंठ भौरी की औंद उमाळ औ बाँधै जा धीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
हे नागराजा ! हे भैरौं ! तुम्हारु हमन क्या जी ख्वायी
हे बोलान्दा बदरी त्वैन कख मुख लुकाई
हे बिधाता कन रूठिनि हमकू द्यबतौं का मँदीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
रज्जा को दरबार, घंटाघर, आमूँ का बग्वान
कन डुबलो यो टीरी बजार सिंगोऱयूँ की दुकान
समलौण्या रै जाली भोळ, साक्यूँ पुरणी जागीर |
टीरि डुबण लैग्युँ चा बेटा डाम का खातिर
अबारी दाँ तू लम्बी छुट्टी लेकि ऐई ||
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