शिक्षा का अधिकार यानि Right to Education Act (RTE), जो सुनिश्चित करता है 6 से 14 बरस के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा | भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21-A इन मासूमों के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के महत्व के तौर तरीकों की व्याख्या करता है | लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई में सभी बच्चे इस अधिकार से लाभान्वित हो रहे हैं ? और जवाब है - बिलकुल नहीं |
ये कागजी अधिकार सिर्फ तकदीर (और पैसे) वालों को ही नसीब हो रहे हैं | जिन्हें स्कूल जाने का सौभाग्य नहीं मिला वे अपनी किस्मत को कोसते हैं और इस प्रकार इन बच्चों की पाठशालाओं के प्रति विमुखता मुखर होती है | पढाई के प्रति ये बच्चे अपना नैसर्गिक प्रेम खो चुके हैं |
गणतंत्र दिवस पर एक छोटी सी कोशिश के तहत 'नियो विजन फाउंडेशन' इन बच्चों से जुड़कर फिर से उस चिराग को रोशन करना चाहता है जो समय की आँधी से बुझ चुका है | मलिन बस्तियों (Slum Areas) में रह रहे बच्चों के साथ | क्या पता इन्हीं में हों कल के भगत, सुभाष, टैगोर, कबीर, सचिन, लता, मिल्खा और कलाम |
हम निकले हैं २६ जनवरी के छुट्टी के दिन को यादगार बनाने के लिए | आप भी आइये, जुड़िये |
लेकर फिर बस्ता, पाटी, पुस्तक
कॉपी, पेन्सिल, टिफिन |
निकलें हम भी होंठों पर रख
सीटी की सरगम |
मिला कदम से कदम
स्कूल चलें हम ||
ये कागजी अधिकार सिर्फ तकदीर (और पैसे) वालों को ही नसीब हो रहे हैं | जिन्हें स्कूल जाने का सौभाग्य नहीं मिला वे अपनी किस्मत को कोसते हैं और इस प्रकार इन बच्चों की पाठशालाओं के प्रति विमुखता मुखर होती है | पढाई के प्रति ये बच्चे अपना नैसर्गिक प्रेम खो चुके हैं |
गणतंत्र दिवस पर एक छोटी सी कोशिश के तहत 'नियो विजन फाउंडेशन' इन बच्चों से जुड़कर फिर से उस चिराग को रोशन करना चाहता है जो समय की आँधी से बुझ चुका है | मलिन बस्तियों (Slum Areas) में रह रहे बच्चों के साथ | क्या पता इन्हीं में हों कल के भगत, सुभाष, टैगोर, कबीर, सचिन, लता, मिल्खा और कलाम |
हम निकले हैं २६ जनवरी के छुट्टी के दिन को यादगार बनाने के लिए | आप भी आइये, जुड़िये |
लेकर फिर बस्ता, पाटी, पुस्तक
कॉपी, पेन्सिल, टिफिन |
निकलें हम भी होंठों पर रख
सीटी की सरगम |
मिला कदम से कदम
स्कूल चलें हम ||



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